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Showing posts from February, 2019

मेरे टूटे हुए दिल से कोई तो आज ये पूछे

मेरे टूटे हुए दिल से कोई तो आज ये पूछे के तेरा हाल क्या है के तेरा हाल क्या है मेरे टूटे... किस्मत  तेरी रीत निराली ,  ओ छलिये को छलने वाली फूल खिला तो टूटी डाली जिसे उलफ़त समझ बैठा ,  मेरी नज़रों का धोखा था किसी की क्या खता है मेरे टूटे... माँगी  मुहब्बत पाई जुदाई ,  दुनिया मुझको रास न आई पहले कदम पर ठोकर खाई सदा आज़ाद रहते थे हमें मालूम ही क्या था मुहब्बत क्या बला है मेरे टूटे...

दोस्त दोस्त ना रहा

दोस्त दोस्त ना रहा प्यार प्यार ना रहा ज़िंदगी हमें तेरा ऐतबार ना रहा ,   ऐतबार ना रहा अमानतें मैं प्यार की गया था जिसको सौंप कर वो मेरे दोस्त तुम ही थे तुम्हीं तो थे जो ज़िंदगी की राह मे बने थे मेरे हमसफ़र वो मेरे दोस्त तुम ही थे तुम्हीं तो थे सारे भेद खुल गए राज़दार ना रहा ज़िंदगी हमें तेरा ऐतबार ना रहा ,  ऐतबार ना रहा दोस्त दोस्त ना रहा ... सफ़र के वक़्त में पलक पे मोतियों को तौलती वो तुम ना थी तो कौन था तुम्हीं तो थी नशे की रात ढल गयी अब खुमार ना रहा ज़िंदगी हमें तेरा ऐतबार ना रहा ,  ऐतबार ना रहा दोस्त दोस्त ना रहा ...

दिल तड़प तड़प के कह रहा है आ भी जा

मु: दिल तड़प तड़प के कह रहा है आ भी जा                तू हमसे आँख ना चुरा ,  तुझे कसम है आ भी जा   ( २)             ( तू नहीं तो ये बहार क्या बहार है                गुल नहीं खिले तो तेरा इन्तज़ार है )  \-  २              के तेरा इन्तज़ार है  \-  २              दिल तड़प तड़प ... ल:    आ आ              दिल धड़क धड़क के दे रहा है ये सदा              तुम्हारी हो चुकीं हूँ मैं              तुम्हारे साथ हूँ सदा        ...

जाने चले जाते हैं कहाँ

जाने चले जाते हैं कहाँ , दुनिया से जानेवाले ,  जाने चले जाते हैं कहाँ , कैसे ढूंढे कोई उनको ,  नहीं कदमों के भी निशां ( जाने है वो  \-  २) कौन नगरिया , आये जाये खत ना खबरिया , आये जब जब उनकी यादें , आये होठों पे फ़रियादें , जाके फिर ना आने वाले जाने चले जाते हैं कहाँ ... ( मेरे बिछड़े  \-  २) जीवन साथी , साथी जैसे दीपक बाती , मुझसे बिछड़ गये तुम ऐसे , सावन के जाते ही जैसे , उड़के बादल काले काले , जाने चले जाते हैं कहाँ दुनिया से जानेवाले ,  जाने चले जाते हैं कहाँ , कैसे ढूंढे कोई उनको ,  नहीं कदमों के भी निशां जाने चले जाते हैं कहाँ ...

आज तुमसे दूर हो कर, ऐसे रोया मेरा प्यार

आज तुमसे दूर हो कर ,  ऐसे रोया मेरा प्यार चाँद रोया साथ मेरे ,  रात रोयी बार बार कुछ  तुम्हारे बंदिशें हैं ,  कुछ हैं मेरे दायरे जब मुक़द्दर ही बने दुश्मन तो कोई क्या करे हाय कोई क्या करे , इस मुकद्दर पर किसीका ,  क्या है आखिर इख्तियार चाँद रोया साथ मेरे ,  रात रोयी बार बार ... हर  तमन्ना से जुदा मैं ,  हर खुशी से दूर हूँ जी रहा हूँ ,  क्योंकि जीने के लिये मजबूर हूँ हाय मैं मजबूर हूँ मुझको मरने भी न देगा ,  ये तुम्हारा इन्तज़ार चाँद रोया साथ मेरे ,  रात रोयी बार बार ...

ज़ुबाँ पे दर्द भरी दास्ताँ चली आई

ज़ुबाँ पे दर्द भरी दास्ताँ चली आई बहार आने से पहले ख़्हिज़ाँ चली आई ख़्हुशी  की चाह में मैं ने उठाये रंज बड़े  \- २ मेरा नसीब की मेरे क़दम जहाँ भी पड़े ये बदनसीबी मेरी भी वहाँ चली आई ज़ुबाँ पे दर्द भरी दास्ताँ चली आई उदास  रात है वीरान दिल की महफ़िल है  \- २ न हम्सफ़र है कोई और न कोई मंज़िल है ये ज़िंदगी मुझे लेकर कहाँ चली आई ज़ुबाँ पे दर्द भरी दास्ताँ चली आई बहार आने से पहले ख़्हिज़ाँ चली आई ज़ुबाँ पे दर्द भरी दास्ताँ चली आई

जीना यहाँ मरना यहाँ

जीना यहाँ मरना यहाँ इसके सिवा जाना कहाँ जी चाहे जब हमको आवाज़ दो हम हैं वहीं हम थे जहाँ जीना यहाँ मरना यहाँ    ... कल  खेल में हम हों न हों गर्दिश में तारे रहेंगे सदा भूलोगे तुम ,  भूलेंगे वो पर हम तुम्हारे रहेंगे सदा होंगे यहीं अपने निशाँ इसके सिवा जाना कहाँ जीना यहाँ मरना यहाँ    ... ये  मेरा गीत जीवन संगीत कल भी कोई दोहरायेगा जग को हँसाने बहरूपिया रूप बदल फिर आयेगा स्वर्ग यहीं नर्क यहाँ इसके सिवा जाना कहाँ जीना यहाँ मरना यहाँ    ...

कोई जब तुम्हारा हृदय तोड़ दे

कोई जब तुम्हारा हृदय तोड़ दे तड़पता हुआ जब कोई छोड़ दे तब तुम मेरे पास आना प्रिये मेरा दर खुला है खुला ही रहेगा तुम्हारे लिये ,  कोई जब ... अभी  तुमको मेरी ज़रूरत नहीं बहुत चाहने वाले मिल जाएंगे अभी रूप का एक सागर हो तुम कंवल जितने चाहोगी खिल जाएंगे दरपन तुम्हें जब डराने लगे जवानी भी दामन छुड़ाने लगे तब तुम मेरे पास आना प्रिये मेरा सर झुका है झुका ही रहेग तुम्हारे लिये ,  कोई जब ... कोई  शर्त होती नहीं प्यार में मगर प्यार शर्तों पे तुमने किया नज़र में सितारे जो चमके ज़रा बुझाने लगीं आरती का दिया जब अपनी नज़र में ही गिरने लगो अंधेरों में अपने ही घिरने लगो तब तुम मेरे पास आना प्रिये ये दीपक जला है जला ही रहेग तुम्हारे लिये ,  कोई जब ...

जिस गली में तेरा घर न हो बालमा

जिस गली में तेरा घर न हो बालमा उस गली से हमे तो गुज़रना नहीं जो डगर तेरे द्वारे से जाती न हो उस डगर पर हमे पांव रखना नहीं ज़िंदगी  में कई रंगरलियाँ सही हर तरफ़ मुस्कुराती ये गलियाँ सही खूबसूरत बहारों की कलियाँ सही जिस चमन में तेरे पग में काटें चुभे उस चमन से हमें फूल चुनना नहीं जिस गली में तेरा घर न हो बालमा ... आ  ये रसमें ये कसमें सभी तोड़ के तू चली आ चुनर प्यार की ओढ़ के या चला जाऊंगा मैं ये जग छोड़ के जिस जगह याद तेरी सताने लगे उस जगह एक पल भी ठहरना नहीं जिस गली में तेरा घर न हो बालमा ...

मैं पल दो पल का शायर हूँ

मैं पल दो पल का शायर हूँ पल दो पल मेरी कहानी है पल दो पल मेरी हस्ती है पल दो पल मेरी जवानी है मैं पल दो पल का शायर हूँ ... मुझसे  पहले कितने शायर आए और आकर चले गए कुछ आहें भर कर लौट गए कुछ नग़मे गाकर चले गए वो भी एक पल का किस्सा था मैं भी एक पल का किस्सा हूँ कल तुमसे जुदा हो जाऊँगा वो आज तुम्हारा हिस्सा हूँ मैं पल दो पल का शायर हूँ ... कल  और आएंगे नग़मों की खिलती कलियाँ चुनने वाले मुझसे बेहतर कहने वाले तुमसे बेहतर सुनने वाले कल कोई मुझको याद करे क्यूँ कोई मुझको याद करे मसरूफ़ ज़माना मेरे लिये क्यूँ वक़्त अपना बरबाद करे मैं पल दो पल का शायर हूँ ...

जाने कहाँ गए वो दिन, कहते थे तेरी राह में

जाने कहाँ गए वो दिन ,  कहते थे तेरी राह में नज़रों को हम बिछाएंगे चाहे कहीं भी तुम रहो ,  चाहेंगे तुमको उम्र भर तुमको ना भूल पाएंगे जाने कहाँ गए वो दिन ... मेरे  कदम जहाँ पड़े ,  सजदे किये थे यार ने  \-  २ मुझको रुला रुला दिया ,  जाती हुई बहार ने जाने कहाँ गए वो दिन ... अपनी  नज़र में आज कल ,  दिन भी अंधेरी रात है  \-  २ साया ही अपने साथ था ,  साया ही अपने साथ है जाने कहाँ गए वो दिन ... इस  दिल के आशियान में बस उनके ख़याल रह गये तोड़ के दिल वो चल दिये ,  हम फिर अकेले रह गये जाने कहाँ गए वो दिन ...

हमसफ़र मेरे हमसफ़र, पंख तुम परवाज़ हम

हमसफ़र मेरे हमसफ़र ,  पंख तुम परवाज़ हम ज़िंदगी का साज़ हो तुम ,  साज़ की आवाज़ हम हमसफ़र मेरे हमसफ़र ,  पंख तुम परवाज़ हम ज़िंदगी का गीत हो तुम ,  गीत का अंदाज़ हम आँख  ने शरमा के कह दी दिल के शरमाने की बात प्यार की तुम इंतहा हो प्यार की आग़ाज़ तुम हमसफ़र मेरे हमसफ़र    ... जी  में हो जब आसमाँ कि या ज़मीं की बात हो खत्म होती है तुम्हीं पर अब कहीं की बात हो हो हसीं तुम ,  महजबीं तुम और तुम्हारा नाज़ हम हमसफ़र मेरे हमसफ़र    ...

होठों पे सच्चाई रहती है, जहाँ दिल में सफ़ाई रहती है

( होठों पे सच्चाई रहती है,  जहाँ दिल में सफ़ाई रहती है हम उस देश के वासी हैं ,  हम उस देश के वासी हैं जिस देश में गंगा बहती है )  -  २ मेहमां  जो हमारा होता है,  वो जान से प्यारा होता है-2  ज़्यादा की नहीं लालच हमको थोड़े मे गुज़ारा होता है  -  २ बच्चों के लिये जो धरती माँ सदियों से सभी कुछ सहती है हम उस देश के वासी हैं ,  हम उस देश के वासी हैं जिस देश में गंगा बहती है कुछ  लोग जो ज़्यादा जानते हैं,  इन्सान को कम पहचानते हैं-2  ये पूरब है पूरबवाले हर जान की कीमत जानते हैं  -  २ मिल जुल के रहो और प्यार करो एक चीज़ यही जो रहती है हम उस देश के वासी हैं ,  हम उस देश के वासी हैं जिस देश में गंगा बहती है जो  जिससे मिला सिखा हमने,  गैरों को भी अपनाया हमने-2 मतलब के लिये अन्धे होकर रोटी को नही पूजा हमने  -  २ अब हम तो क्या सारी दुनिया सारी दुनिया से कहती है हम उस देश के वासी हैं ,  हम उस देश के वासी हैं जिस देश में गंगा बहती है होठों पे सच्...

मुबारक हो सब को समा ये सुहाना

मुबारक हो सब को समा ये सुहाना मैं खुश हूँ मेरे आँसुओं पे न जाना मैं तो दीवाना दीवाना दीवाना  \-  २ हज़ारों  तरह के ये होते हैं आँसू अगर दिल में ग़म हो तो रोते हैं आँसू खुशी में भी आँखें भिगोते हैं आँसू इन्हें जान सकता नहीं ये ज़माना मैं खुश हूँ मेरे आँसुओं पे न जाना मैं तो दीवाना दीवाना दीवाना  \-  २ ये  शहनाइयाँ दे रही हैं दुहाई कोई चीज़ अपनी हुई है पराई किसी से मिलन है किसी से जुदाई नए रिश्तों ने तोड़ा नाता पुराना मैं खुश हूँ मेरे आँसुओं पे न जाना मैं तो दीवाना दीवाना दीवाना  \-  २

फूल आहिस्ता फेंको, फूल बड़े नाज़ुक होते हैं

फूल आहिस्ता फेंको ,  फूल बड़े नाज़ुक होते हैं वैसे भी तो ये बद् \- क़िसमत नोक पे कांटों की सोते हैं फूल आहिस्ता    ... बड़ी  खूब्सूरत शिक़ायत है ये मगर सोचिये क्या शराफ़त है ये जो औरों का दिल तोड़ते रहते हैं लगी चोट उनको तो ये कहते हैं कि फूल आहिस्ता फेंको ,  फूल बड़े नाज़ुक होते हैं जो रुलाते हैं लोगों को एक दिन खुद भी रोते हैं फूल आहिस्ता    ... किसी  शोख़ को बाग़ की सैर में जो लग जाये कांटा कोई पैर में ख़फ़ा हुस्न वालों से हो किस लिये ये मासूम है बहकता इस लिये कि फूल आहिस्ता फेंको ,  फूल बड़े नाज़ुक होते हैं ये करेंगे कैसे घायल ये तो खुद घायल होते हैं फूल आहिस्ता    ... गुलों  के बड़े आप हमदर्द हैं भला क्यों न हो आप भी मर्द हैं हज़ारों सवाल.ओं का है इक जवाब फ़रेब \- ए \- नज़र ये न हो ऐ जनाब कि फूल आहिस्ता फेंको फूल बड़े नाज़ुक होते हैं सब जिसे कहते हैं शबनम ,  फूल के आँसू होते हैं फूल आहिस्ता    ...

मेरी तमन्नाओं की तक़दीर तुम सँवार दो

मेरी तमन्नाओं की तक़दीर तुम सँवार दो प्यासी है ज़िंदगी और मुझे प्यार दो सारा  गगन मण्डप है सारा जग बराती मन के फेरे सच्चे सच्चे हैं हम साथी लाज का ये घूँघट पट आज तो उतार दो प्यासी है ज़िंदगी    ... धरती  करवट बदले ,  बदले हर मौसम प्रीत के पुजारी हैं बदलेंगे नहीं हम पतझड़ सा जीवन है ,  प्यार की बहार दो प्यासी है ज़िंदगी    ... मेरी तमन्नाओं की तक़दीर तुम सँवार दो प्यासी है ज़िंदगी और मुझे प्यार दो

सुहाना सफ़र और ये मौसम हंसीं

सुहाना सफ़र और ये मौसम हंसीं (२) हमें डर है हम खो न जाएं कहीं सुहाना सफ़र ... ( ये  कौन हँसता है फूलों में छूप कर बहार बेचैन है किसकी धुन पर )  \- ( २) कहीं गुमगुम ,  कहीं रुमझुम ,  के जैसे नाचे ज़मीं सुहाना सफ़र ... ( ये  गोरी नदियों का चलना उछलकर के जैसे अल्हड़ चले पी से मिलकर )  \- ( २) प्यारे प्यारे ये नज़ारे निखरे हैं हर कहीं सुहाना सफ़र ... हो हो हो ... ( वो  आसमाँ झुक रहा है ज़मीं पर ये मिलन हमने देखा यहीं पर )  \- ( २) मेरी दुनिया ,  मेरे सपने ,  मिलेंगे शायद यहीं सुहाना सफ़र ...

हर दिल जो प्यार करेगा वो गाना गायेगा

हर दिल जो प्यार करेगा वो गाना गायेगा दीवाना सैंकड़ों में पहचाना जायेगा दीवाना    ... आप हमारे दिल को चुरा के आँख चुराये जाते हैं ये इक्तरफ़ा रसम \- ए \- वफ़ा हम फिर भी निभाये जाते हैं चाहत का दस्तूर है लेकिन ,  आप को ही मालूम नहीं ,  ओ ~  ओ ~  ओ ~ जिस महफ़िल में शमा हो ,  परवाना जायेगा दीवाना सैंकड़ों में    ... भूली बिसरी यादें मेरी हँसते गाते बचपन की याद दिला के चली आतीं हैं ,  नींद चुराने नैनन की अब कह दूँगी ,  करते करते ,  कितने सावन बीत गये जाने कब इन आँखों का शरमाना जायेगा दीवाना सैंकड़ों में    ... अपनी अपनी सब ने कह ली ,  लेकिन हम चुप चाप रहे दर्द पराया जिसको प्यारा वो क्या अपनी बात कहे खामोसी का ये अफ़साना रह जायेगा बाद मेरे अपना के हर किसी को बेगाना जायेगा दीवाना सैंकड़ों में    ... दीवाना!

चल अकेला, चल अकेला, चल अकेला

चल अकेला ,  चल अकेला ,  चल अकेला तेरा मेला पीछे छूटा राही चल अकेला हज़ारों  मील लम्बे रास्ते तुझको बुलाते यहाँ दुखड़े सहने के वास्ते तुझको बुलाते है कौन सा वो इंसान यहाँ पे जिस ने दुख ना झेला चल अकेला ... तेरा  कोई साथ न दे तो तू खुद से प्रीत जोड़ ले बिछौना धरती को करके अरे आकाश ओढ़ ले पूरा खेल अभी जीवन का तूने कहाँ है खेला चल अकेला ...