मेरे टूटे हुए दिल से कोई तो आज ये पूछे
मेरे टूटे हुए दिल से कोई तो आज ये पूछे
के तेरा हाल क्या है के तेरा हाल क्या है
मेरे टूटे...
किस्मत तेरी रीत निराली, ओ छलिये को छलने वाली
फूल खिला तो टूटी डाली
जिसे उलफ़त समझ बैठा, मेरी नज़रों का धोखा था
किसी की क्या खता है
मेरे टूटे...
माँगी मुहब्बत पाई जुदाई, दुनिया मुझको रास न आई
पहले कदम पर ठोकर खाई
सदा आज़ाद रहते थे हमें मालूम ही क्या था
मुहब्बत क्या बला है
मेरे टूटे...
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