जाने चले जाते हैं कहाँ

जाने चले जाते हैं कहाँ,
दुनिया से जानेवालेजाने चले जाते हैं कहाँ,
कैसे ढूंढे कोई उनकोनहीं कदमों के भी निशां

(जाने है वो \- २) कौन नगरिया,
आये जाये खत ना खबरिया,
आये जब जब उनकी यादें,
आये होठों पे फ़रियादें,
जाके फिर ना आने वाले
जाने चले जाते हैं कहाँ ...

(मेरे बिछड़े \- २) जीवन साथी,
साथी जैसे दीपक बाती,
मुझसे बिछड़ गये तुम ऐसे,
सावन के जाते ही जैसे,
उड़के बादल काले काले,
जाने चले जाते हैं कहाँ

दुनिया से जानेवालेजाने चले जाते हैं कहाँ,
कैसे ढूंढे कोई उनकोनहीं कदमों के भी निशां
जाने चले जाते हैं कहाँ ...



Comments

Popular posts from this blog

कहीं दूर जब दिन ढल जाए

में तो हर मोड़ पर तुझको दूंगा सदा

मेरे टूटे हुए दिल से कोई तो आज ये पूछे