चल अकेला, चल अकेला, चल अकेला

चल अकेलाचल अकेलाचल अकेला
तेरा मेला पीछे छूटा राही चल अकेला

हज़ारों मील लम्बे रास्ते तुझको बुलाते
यहाँ दुखड़े सहने के वास्ते तुझको बुलाते
है कौन सा वो इंसान यहाँ पे जिस ने दुख ना झेला
चल अकेला ...

तेरा कोई साथ न दे तो तू खुद से प्रीत जोड़ ले
बिछौना धरती को करके अरे आकाश ओढ़ ले
पूरा खेल अभी जीवन का तूने कहाँ है खेला
चल अकेला ...



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