आज तुमसे दूर हो कर, ऐसे रोया मेरा प्यार

आज तुमसे दूर हो करऐसे रोया मेरा प्यार
चाँद रोया साथ मेरेरात रोयी बार बार

कुछ तुम्हारे बंदिशें हैंकुछ हैं मेरे दायरे
जब मुक़द्दर ही बने दुश्मन तो कोई क्या करे
हाय कोई क्या करे,
इस मुकद्दर पर किसीकाक्या है आखिर इख्तियार
चाँद रोया साथ मेरेरात रोयी बार बार ...

हर तमन्ना से जुदा मैंहर खुशी से दूर हूँ
जी रहा हूँक्योंकि जीने के लिये मजबूर हूँ
हाय मैं मजबूर हूँ
मुझको मरने भी न देगाये तुम्हारा इन्तज़ार
चाँद रोया साथ मेरेरात रोयी बार बार ...



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