जे हम-तुम चोरी से बंधे एक डोरी से
मु \: जे हम-तुम चोरी से बंधे एक डोरी से
जइयो कहाँ ऐ हुज़ूर
ल \: अरे ई बंधन है प्यार का
जे हम-तुम चोरी ...
मु \: कजरा वाली फिर तू ऐसे काहे निहारे
ई चितवन के गोरी माने तो समझा जा रे
ल \: मतलबवा एक है एक है नैनन पुकार का
जे हम-तुम चोरी ...
दो \: ऐ हुज़ूर
मु \: जे हम-तुम चोरी ...
ल \: देखो बादर आए पवन के पुकारे
उल्फ़त मेरी जीती अनाड़ी पिया हारे
मु \: आएगा रे मजा रे मजा अब जीत\-हार का
दो \: जे हम-तुम चोरी ...
मु \: घूँघट में से मुखड़ा दीखे अभी अधूरा
आ बैंया में आजा मिलन तो हो पूरा
ल \: ई मिलना तो नहीं तो नहीं कुछ एक बार का
जे हम-तुम चोरी ...
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