मैं ना भूलूँगा, मैं ना भूलूँगी

मैं ना भूलूँगामैं ना भूलूँगी
इन रस्मों को इन क़समों को इन रिश्ते नातों को
मैं ना...

चलो जग को भूलेंखयालों में झूलें
बहारों में डोलेंसितारों को छूलें
आ तेरी मैं माँग संवारूँ तू दुल्हन बन जाये
माँग से जो दुल्हन का रिश्ता मैं ना भूलूँगी...

समय की धारा मेंउमर बह जानी है
जो घड़ी जी लेंगेवही रह जानी है
मैं बन जाऊँ साँस आखिरी तू जीवन बन जाये
जीवन से साँसों का रिश्ता मैं ना भूलूँगी...

बरसता सावन होमहकता आँगन हो
कभी दिल दूल्हा होकभी दिल दुल्हन हो
गगन बनकर झूमेंपवन बनकर झूमें
चलो हम राह मोड़ेंकभी ना संग छोड़ें
तरस चख जाना हैनज़र चख जाना है

कहीं पे बस जाएंगेये दिन कट जाएंगे
अरे क्या बात चलीवो देखो रात ढली
ये बातें चलती रहेंये रातें ढलती रहें
मैं मन को मंदिर कर डालूँ तू पूजन बन जाये
मंदिर से पूजा का रिश्ता मैं ना...



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