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Showing posts from March, 2019

दो कदम तुम न चले दो कदम हम न चले

दो  कदम तुम न चले दो कदम हम न चले-2 आरजू के दिए बुझ गए जलते जलते दो  कदम तुम न चले दो कदम हम न चले हम  तो आँखों में बसा लेंगे तुम्हारे गम को -2 तुम कभी भूल के भी याद ना आना हमको अपनी मंजिल तुम्हे मिल जाएगी चलते चलते दो  कदम तुम न चले दो कदम हम न चले-2 वक्त  ने जहर भरा प्यार के पैमानों में-2 खो गए ख्वाब सुलगते हुए विरानो में जान से जायेंगे हम दर्द के ढलते ढलते दो  कदम तुम न चले दो कदम हम न चले-2 आरजू के दिए बुझ गए जलते जलते दो  कदम तुम न चले दो कदम हम न चले

में तो हर मोड़ पर तुझको दूंगा सदा

मैं तो हर मोड़ पर तुझको दूँगा सदा मेरी आवाज़ को, दर्द के साज़ को, तू सुने ना सुने मुझे देखकर कह रहे हैं सभी मोहब्बत का हासिल है दीवानगी प्यार की राह में, फूल भी थे मगर मैंने कांटे चुने मैं तो हर मोड़ पर... जहाँ दिल झुका था वहीँ सर झुका मुझे कोई सजदों से रोकेगा क्या काश टूटे ना वो, आरज़ू में मेरी ख्वाब हैं जो बुने मैं तो हर मोड़ पर... Sad मेरी ज़िन्दगी में वो ही गम रहा तेरा साथ भी तो बहुत कम रहा दिल ने, साथी मेरे, तेरी चाहत में थे ख्वाब क्या क्या बुने  मैं तो हर मोड़ पर... तेरे गेसूओं का वो साया कहाँ वो बाहों का तेरी सहारा कहाँ अब वो आँचल कहाँ, मेरी पलकों से जो भीगे मोती चुने मैं तो हर मोड़ पर...